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मराठा आरक्षण की मांग कर रहे मनोज जरांगे की बिगड़ी तबियत, बोलने में हो रही तकलीफ

Maratha reservation

महाराष्ट्र। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे मनोज जरांगे की तबियत बिगड़ गई है। उनकी नाक से रह-रह कर खून बह रहा है। हाथ कांप रहे हैं और बोलने में भी काफी तकलीफ हो रही है। बता दें कि मनोज जरांगे ने 10 फरवरी को अपना विरोध दोबारा शुरू किया था और अब उनकी तबियत काफी बिगड़ गई है। दरअसल, वे अपने इस अनशन के दौरान भोजन पानी भी नहीं ले रहे हैं। उनकी तबियत खराब होने से उनके सहकर्मियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

जारंगे के साथ एकजुटता दिखाते हुए, विभिन्न मराठा संगठनों ने जालना, बीड, सोलापुर और नासिक के कई गांवों में बंद का आह्वान किया है। खास कर उत्तरी सोलापुर और सोलापुर के कोंडी गांव में सभी मराठा संगठन एकजुट हैं, इस मुद्दे के समर्थन में दुकानें बंद हैं। हालांकि दूध सहित सभी मूलभूत आवश्यकतों वाली सेवाएं चालू हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, भूख हड़ताल पर डटे रहने के चलते जरांगे का स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है। ग्रामीणों, दोस्तों और सहकर्मियों के अनुनय-विनय के बाद भी उन्होंने भोजन करने, पानी पीने और चिकित्सा सहायता लेने से भी इंकार कर दिया है। यहां तक कि जालना कलेक्टर कृष्णनाथ पांचाल और पुलिस अधीक्षक अजय कुमार बंसल ने भी उनसे पानी की पेशकश की लेकिन वे नहीं माने।

ये हैं जारांगे कि मांगे

मनोज जरांगे की प्रमुख मांगों में मराठा आरक्षण से संबंधित सरकारी अध्यादेश को तत्काल लागू करना, इसके बाद अध्यादेश को कानून में बदलने के लिए एक विशेष विधायी सत्र बुलाना। इसके साथ ही राज्य भर में मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी पुलिस मामलों को वापस लेना प्रमुख रूप से शामिल है।

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Author: nyaay24news

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