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Lucknow Lok Sabha Seat: पिता ने जीत का, तो बेटी ने रचा हार का इतिहास

REETA BAHUGUNA JODI

लखनऊ। लखनऊ लोकसभा सीट अभी राजनीतिक दलों के लिए बेहद अहम होती है। यही वजह है कि  हर पार्टी यहां से जीत दर्ज कर ससंद में जाना चाहती है। ये सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती है, लखनऊ की  जनता बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले पर ही वोटों की बरसात करती है, बावजूद इसके कई  दिग्गज यहां अपनी किस्मत आजमा चुके हैं, लेकिन आज हम बात करेंगे बहुगुणा परिवार की, जिसे लखनऊ से कभी हार तो कभी जीत मिली। कई बार यहां  के मतदाताओं का मिजाज बदला तो उसने अपना नेता भी बदल दिया और नतीजे चौंकाने वाले आए।  साल 1977 में लोकसभा चुनाव शुरू होने के बाद हेमवती नंदन बहुगुणा ऐसे ही एक उम्मीदवार बने, जो सबसे वोटों से चुनाव जीते। उनका ये रिकॉर्ड 47 साल तक कायम रहा।

साल 2014 में कांग्रेस ने लखनऊ से हेमवती नंदन की बेटी रीता बहुगुणा को टिकट दिया था, लेकिन व हार गई थीं।  रीता को बीजेपी उम्मीदवार राजनाथ सिंह से रिकॉर्ड मतों से हराया था जबकि इसी सीट से एक समय था जब उनके पिता का सालों तक चलने वाला रिकॉर्ड था बनाया था।  दरअसल, हेमवती नंदन बहुगुणा ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी और इंदिरा गांधी की चाची शीला कौल को अधिकतम 1,65,345 वोटों से हराया था। इसके बाद 2014 में इतिहास दोहराया गया और राजनाथ सिंह ने रीता बहुगुणा को रिकार्ड वोटों से हराया।  यहां 2014 में राजनाथ सिंह को 5,61,106 वोट मिले थे जबकि रीता बहुगुणा को सिर्फ 2,88,357 वोटों से संतोष करना पड़ा था।

आंकड़े  बताते हैं कि लखनऊ सीट पर बीजेपी आठ बार जीत हासिल कर चुकी है।  वहीं कांग्रेस ने छह बार जीत का परचम फहराया है। 1991 में विजय लक्ष्मी पंडित ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की।  इसके बाद शिवराजवती नेहरू, पुलिन बिहारी बनर्जी और बी.के. धवन दम्पति लखनऊ से संसद पहुंचे। 1967 में राजधानी की जनता का मूड बदला और उसने निर्दलीय उम्मीदवार आनंद नारायण मुल्ला पर भरोसा जताया, लेकिन 1971 में शीला कौल कांग्रेस से एक बार फिर जीती। इसके बाद हेमवती नंदन बहुगुणा जनता पार्टी से सांसद रहे, हालांकि उनकी जीत के बाद शीला कौल लगातार दो बार इस सीट से सांसद बनीं। 1989 में जनता दल के मांधाता सिंह जीते, लेकिन 1991 में अटल बिहारी वाजपेयी के जीतने के बाद से बीजेपी लगातार इस सीट पर काबिज है।

भाजपा आठ बार और कांग्रेस छह बार जीती

1977 के लोकसभा चुनाव में हेमवती नंदन बहुगुणा ने उस समय के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए इंदिरा गांधी की मामी को हराया।

2014 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार रीता बहुगुणा बीजेपी के राजनाथ सिंह से सबसे ज्यादा वोटों से हार गईं थीं।

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